चंडीगढ़ के स्ट्रीट वेंडरों ने उठाई सात प्रमुख मांगें, पूर्व मेयर को सौंपा मांग पत्र
Chandigarh street vendors raise seven key demands
चंडीगढ़, 1 जुलाई (साजन शर्मा ): Chandigarh street vendors raise seven key demands, शहर के स्ट्रीट वेंडरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चंडीगढ़ नगर निगम की पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था।यूनियन के प्रधान राम मिलन गौड़, उपप्रधान अयोध्या प्रसादऔर महासचिव मधुर सिंह ने कहा कि नगर निगम को स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 के तहत वेंडरों के अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने चाहिए। फुटपाथ साइकिल एंड रेहड़ी-फड़ी वर्कर्स यूनियन (रजि. 214) ने मांग की कि स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम-2014 के प्रावधानों के अनुसार वेंडरों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए और नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन से जुड़े सभी फैसले कानून के अनुरूप लिए जाएं।
यूनियन ने कहा कि सेक्टर-1 स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में नया वेंडिंग जोन विकसित किया जा रहा है। ऐसे में जिन वेंडरों को वहां से दूसरी जगह भेजा गया है, उन्हें नई वेंडिंग साइट आवंटित होने और पूरी तरह तैयार होने तक अपना सामान हटाने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। इसके बाद ही उनका स्थानांतरण किया जाए।
मांग पत्र में कहा गया कि जो वेंडिंग जोन सफल नहीं हैं, उन्हें रद्द कर वेंडरों की सहमति से नए वेंडिंग जोन बनाए जाएं। साथ ही जिन वेंडरों की अपीलें लंबित हैं, उनके मामलों का निपटारा होने तक उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई न की जाए।
यूनियन ने पात्र लेकिन पहचान पत्र से वंचित स्ट्रीट वेंडरों को आईडी कार्ड जारी करने, स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 के तहत दोबारा सर्वे कराकर पात्र वेंडरों को वेंडिंग जोन आवंटित करने तथा सभी वेंडिंग जोन में बिजली, पेयजल, छाया और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
इसके अलावा यूनियन ने हर वर्ष वेंडिंग फीस में होने वाली 5 प्रतिशत वृद्धि समाप्त करने और केवल पांच वर्ष बाद लाइसेंस नवीनीकरण के समय ही शुल्क बढ़ाने की मांग उठाई। सभी पंजीकृत वेंडरों की रेहड़ियों पर पहचान अंकित करने की मांग भी की गई, ताकि प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।